0 माफिया सरगना दावूद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को अदालत ने रिहा किया, गवाहों ने बयान से मारी पलटी - Khabre Mumbai

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माफिया सरगना दावूद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को अदालत ने रिहा किया, गवाहों ने बयान से मारी पलटी

२०१६/१७ में ठाणे नगर पोलिस में मुंबई के बिल्डर राधेश्याम अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई कि कासकर एवम उसके साथी उनसे हफ्तावसूली कर रहे हैं।

मामला पेडर रोड एवम मुंबई सबरबन स्थित प्रॉपर्टी एक टोनी लेविस से खरीदे जाने का है जिसके लिए बिल्डर अग्रवाल ने ३ करोड़ रुपए एडवांस के तौर पर दिए थे।
बाद में बिल्डर ने अपने साथी पार्टनर के जाननेवाले राजू राम पुरोहित से मायने के लिए उसके कार्यालय गए जहां राजू पुरोहित ने ही मिलने बुलाया था। वहां दो साथी पुरोहित के साथ पहले से ही मौजूद थे। जानकारी दी गई कि इस प्रॉपर्टी को दावूद के खास ने खरीद ली है। पहले कसकर का फोन पुरोहित के दोस्त के फोन पर आया और बिल्डर अग्रवाल के बारे में पूछा उसके बाद अग्रवाल को कासकर ने फोन पर ही कहा कि वह एडवांस का ३ करोड़ भूल जाए और आगे क्या करना है इसके लिए इकबाल ने अपने कार्यालय  में बुलाया। 

अग्रवाल को इकबाल कासकर ने धमकाया कि प्रॉपर्टी दावूद भाई के खास ने ली है और वह अपना दावा छोड़ दे, एडवांस यानी अग्रिम राशि की रकम ३ करोड़ भूल जाए नही तो आगे कुछ भी हो सकता है, यहां तक कि बिल्डर अग्रवाल को जान से  मारने की धमकी भी दे डाली।

२०१२ अप्रैल से २०१३ मई तक बिल्डर के अनुसार बहुत सारे धमकी वाले फोन उसे आते रहे।
बाद में सेल डीड बिल्डर के हाथ लगी जिसमे दोनो प्लॉट दावूद के दो साथियों के नाम बेचे जाने का जिक्र था। 
इसके बाद बिल्डर ने ठाणे पोलिस का रुख किया।

ठाणे पोलिस की अपराध शाखा ने कासकर को गिरफ्तार किया।मामले में बिल्डर अग्रवाल, अन्य दो जो पुरोहित की मीटिंग में थे, तीनों ने अभियुक्त कासकर के खिलाफ गवाही दी और पोलिस ने कासकर पर मकोका के तहत कार्रवाई की। 

इस पूरे प्रकरण में अब मुंबई के विशेष न्यायालय के पीठासीन जज ने कल कासकर को रिहा कर दिया है।इसकी मुख्य वजह बिल्डर अग्रवाल समेत अन्य दो गवाहों का अपने बयान से मुकरना बताया गया है। इसके अलावा दोनो जमीन किसी टोनी लेविस के नाम नही होने की बात भी सामने आई है।कासकर द्वारा हफ्तावसूलि के पर्याप्त सबूत नहीं मिल सके, जिसके चलते उसे अब रिहा कर दिया गया है।

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