अशोक चव्हाण भाजपा में हुए शामिल; कांग्रेस का सर दर्द बढा/महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव 27 फरवरी को
एक दिन पहले 12 फरवरी को कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री रहे अशोक चव्हाण ने आखिरकार कल मंगलवार के दिन भाजपा का दामन आधिकारिक रूप से थाम लिया है।
अशोक चव्हाण ने महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले एवं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में भाजपा में प्रवेश किया। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते समय चव्हाण ने कहा कि विकास कार्यों को और अधिक गति देने के लिए उन्होंने भाजपा का साथ लिया है। विशेष कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्य प्रणाली से वह बहुत ही प्रभावित हैं।
उधर दूसरी तरफ देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र से एक बहुत ही सीनियर लीडर के रूप में चव्हाण के आने से हमारे महा गठबंधन को और अधिक शक्ति मिली है।
स्पष्ट कर दें कि 27 फरवरी को महाराष्ट्र में राज्यसभा के चुनाव संपन्न किए जाने हैं, जिससे पहले राज्य की राजनीति में काफी उठा पटक हो रही है। संभावना यह भी है कि भाजपा अशोक चव्हाण को राज्यसभा के रूट से सांसद बनाने वाली है ।हालांकि भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। फडणवीस ने कहा है कि विरोधी दलों के कुछ और भी नेता हमारे संपर्क में है यह बात सच है । जो नेता जमीन से जुड़े हुए हैं उन्हें हम जरूर लेना चाहेंगे।
वहीं कांग्रेस की तरफ से महाराष्ट्र के इंचार्ज रमेश चेन्निथला ने कहा कि अशोक चव्हाण ने इस्तीफा दे दिया लेकिन किन कारण से दिया उस बारे में नहीं बताया। यदि आप किसी समस्या से नहीं लड़ते हैं तो आप कायर है।
रमेश के बगल में ही बैठे महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि हम विनती करते हैं कि अशोक चव्हाण अपने फैसले पर फिर से विचार करें ,अभी भी देर नहीं हुई है। वह फिर आ सकते हैं हम उनका स्वागत करेंगे।
दर असल कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल अपने विधायकों को एकजुट रखना चाहता है क्योंकि राज्यसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या इतनी है कि वह 3 सदस्य भेज सकते हैं।
कांग्रेस से मिलिंद देवड़ा बाबा सिद्दीकी और अशोक चव्हाण के रूप में तीन बड़े दिग्गज नेता निकल चुके हैं।
सोनिया गांधी आज राज्यसभा से सांसदी के लिए नामांकन भरने वाली हैं।
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